27 में से 8वाँ नक्षत्र · स्वामी शनि
पुष्य नक्षत्र
पुष्य निरयण राशिचक्र में 3°20′ कर्क से 16°40′ कर्क तक फैला है, और इसके स्वामी शनि हैं, जो अनुशासन, धैर्य और धीमे, कमाए हुए फल के ग्रह हैं।
चंद्रमा अगली बार पुष्य में कब होगा?
| चंद्रमा प्रवेश | चंद्रमा निकास |
|---|---|
| 1 नव॰, 5:38 am IST | 2 नव॰, 4:29 am IST |
| 28 नव॰, 12:54 pm IST | 29 नव॰, 11:00 am IST |
| 25 दिस॰, 10:57 pm IST | 26 दिस॰, 8:19 pm IST |
पद
| पद | विस्तार |
|---|---|
| पद 1 | 3°20′ कर्क से 6°40′ कर्क |
| पद 2 | 6°40′ कर्क से 10°00′ कर्क |
| पद 3 | 10°00′ कर्क से 13°20′ कर्क |
| पद 4 | 13°20′ कर्क से 16°40′ कर्क |
आपका जन्म नक्षत्र
आपका जन्म नक्षत्र वो है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। astromorphy पर अपनी जन्म तिथि और समय डालिए, वो आपका नक्षत्र, पद और चंद्र राशि दिखाता है, फिर वो आसमान बनाता है जिसके नीचे आप पैदा हुए।
सवाल
- पुष्य नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- पुष्य के स्वामी शनि हैं।
- चंद्रमा अगली बार पुष्य में कब होगा?
- 1 नव॰, 5:38 am IST से 2 नव॰, 4:29 am IST तक।
इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।
मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग