27 में से 7वाँ नक्षत्र · स्वामी बृहस्पति

पुनर्वसु नक्षत्र

पुनर्वसु निरयण राशिचक्र में 20°00′ मिथुन से 3°20′ कर्क तक फैला है, और इसके स्वामी बृहस्पति हैं, जो विकास, उदारता, गुरु और अच्छी सलाह के ग्रह हैं।

चंद्रमा अगली बार पुनर्वसु में कब होगा?

चंद्रमा प्रवेशचंद्रमा निकास
31 अक्टू॰, 7:11 am IST1 नव॰, 5:38 am IST
27 नव॰, 3:16 pm IST28 नव॰, 12:54 pm IST
25 दिस॰, 1:53 am IST25 दिस॰, 10:57 pm IST

पद

पदविस्तार
पद 120°00′ मिथुन से 23°20′ मिथुन
पद 223°20′ मिथुन से 26°40′ मिथुन
पद 326°40′ मिथुन से 0°00′ कर्क
पद 40°00′ कर्क से 3°20′ कर्क

आपका जन्म नक्षत्र

आपका जन्म नक्षत्र वो है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। astromorphy पर अपनी जन्म तिथि और समय डालिए, वो आपका नक्षत्र, पद और चंद्र राशि दिखाता है, फिर वो आसमान बनाता है जिसके नीचे आप पैदा हुए।

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सवाल

पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी कौन है?
पुनर्वसु के स्वामी बृहस्पति हैं।
चंद्रमा अगली बार पुनर्वसु में कब होगा?
31 अक्टू॰, 7:11 am IST से 1 नव॰, 5:38 am IST तक।

इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।

मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग