27 में से 4वाँ नक्षत्र · स्वामी चंद्र
रोहिणी नक्षत्र
रोहिणी निरयण राशिचक्र में 10°00′ वृषभ से 23°20′ वृषभ तक फैला है, और इसके स्वामी चंद्र हैं, जो देखभाल, यादें, मनोदशा और पोषण की सहज प्रवृत्ति के ग्रह हैं।
चंद्रमा अगली बार रोहिणी में कब होगा?
| चंद्रमा प्रवेश | चंद्रमा निकास |
|---|---|
| 28 अक्टू॰, 1:32 pm IST | 29 अक्टू॰, 11:16 am IST |
| 24 नव॰, 11:32 pm IST | 25 नव॰, 8:45 pm IST |
| 22 दिस॰, 10:46 am IST | 23 दिस॰, 7:59 am IST |
पद
| पद | विस्तार |
|---|---|
| पद 1 | 10°00′ वृषभ से 13°20′ वृषभ |
| पद 2 | 13°20′ वृषभ से 16°40′ वृषभ |
| पद 3 | 16°40′ वृषभ से 20°00′ वृषभ |
| पद 4 | 20°00′ वृषभ से 23°20′ वृषभ |
आपका जन्म नक्षत्र
आपका जन्म नक्षत्र वो है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। astromorphy पर अपनी जन्म तिथि और समय डालिए, वो आपका नक्षत्र, पद और चंद्र राशि दिखाता है, फिर वो आसमान बनाता है जिसके नीचे आप पैदा हुए।
सवाल
- रोहिणी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- रोहिणी के स्वामी चंद्र हैं।
- चंद्रमा अगली बार रोहिणी में कब होगा?
- 28 अक्टू॰, 1:32 pm IST से 29 अक्टू॰, 11:16 am IST तक।
इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।
मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग