27 में से 19वाँ नक्षत्र · स्वामी केतु

मूल नक्षत्र

मूल निरयण राशिचक्र में 0°00′ धनु से 13°20′ धनु तक फैला है, और इसके स्वामी केतु हैं, जो वैराग्य, अचानक अंतर्दृष्टि और सतह के नीचे छिपी चीज़ों की ओर खिंचाव के ग्रह हैं।

चंद्रमा अगली बार मूल में कब होगा?

चंद्रमा प्रवेशचंद्रमा निकास
12 नव॰, 2:16 pm IST13 नव॰, 5:16 pm IST
9 दिस॰, 8:58 pm IST10 दिस॰, 11:55 pm IST
6 जन॰, 3:06 am IST7 जन॰, 6:06 am IST

पद

पदविस्तार
पद 10°00′ धनु से 3°20′ धनु
पद 23°20′ धनु से 6°40′ धनु
पद 36°40′ धनु से 10°00′ धनु
पद 410°00′ धनु से 13°20′ धनु

आपका जन्म नक्षत्र

आपका जन्म नक्षत्र वो है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। astromorphy पर अपनी जन्म तिथि और समय डालिए, वो आपका नक्षत्र, पद और चंद्र राशि दिखाता है, फिर वो आसमान बनाता है जिसके नीचे आप पैदा हुए।

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सवाल

मूल नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मूल के स्वामी केतु हैं।
चंद्रमा अगली बार मूल में कब होगा?
12 नव॰, 2:16 pm IST से 13 नव॰, 5:16 pm IST तक।

इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।

मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग