27 में से 1वाँ नक्षत्र · स्वामी केतु

अश्विनी नक्षत्र

अश्विनी निरयण राशिचक्र में 0°00′ मेष से 13°20′ मेष तक फैला है, और इसके स्वामी केतु हैं, जो वैराग्य, अचानक अंतर्दृष्टि और सतह के नीचे छिपी चीज़ों की ओर खिंचाव के ग्रह हैं।

चंद्रमा अगली बार अश्विनी में कब होगा?

चंद्रमा प्रवेशचंद्रमा निकास
25 अक्टू॰, 7:26 pm IST26 अक्टू॰, 5:47 pm IST
22 नव॰, 5:56 am IST23 नव॰, 4:19 am IST
19 दिस॰, 4:00 pm IST20 दिस॰, 2:56 pm IST

पद

पदविस्तार
पद 10°00′ मेष से 3°20′ मेष
पद 23°20′ मेष से 6°40′ मेष
पद 36°40′ मेष से 10°00′ मेष
पद 410°00′ मेष से 13°20′ मेष

आपका जन्म नक्षत्र

आपका जन्म नक्षत्र वो है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। astromorphy पर अपनी जन्म तिथि और समय डालिए, वो आपका नक्षत्र, पद और चंद्र राशि दिखाता है, फिर वो आसमान बनाता है जिसके नीचे आप पैदा हुए।

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सवाल

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
अश्विनी के स्वामी केतु हैं।
चंद्रमा अगली बार अश्विनी में कब होगा?
25 अक्टू॰, 7:26 pm IST से 26 अक्टू॰, 5:47 pm IST तक।

इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।

मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग