गुरुवार, 22 अप्रैल 2027 का आसमान
गुरुवार, 22 अप्रैल 2027 को चंद्रमा पूर्णिमा है, 97% रोशन, वृश्चिक (सायन) और तुला राशि (निरयण) में। सूर्य वृषभ में है।
सूर्योदय पर पंचांग (भारत)
| तिथि | कृष्ण द्वितीया तक: 23 अप्रैल, 3:34 am IST |
| पक्ष | कृष्ण (घटता) |
| नक्षत्र | विशाखा, पद 1 (स्वामी बृहस्पति) तक: 23 अप्रैल, 5:28 am IST |
| चंद्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | मेष |
लाहिरी अयनांश। समय IST में सटीक खगोलीय संक्रमण हैं। छपे पंचांग स्थानीय सूर्योदय से तिथि और नक्षत्र गिनते हैं, इसलिए कुछ मिनट का, और सीमा के पास एक दिन का अंतर हो सकता है।
आज रात का चंद्रमा
सूरज ढलते ही उगता है और रात भर रहता है। जो छिपा था वो आज आसानी से दिखता है, आपके अंदर भी।
वृश्चिक का चंद्रमा बातें सीने से लगाकर रखता है। कम कहिए, और जो कहिए पूरे मन से।
अगली पूर्णिमा: 20 मई, 4:25 pm IST. अगली अमावस्या: 6 मई, 4:36 pm IST.
ग्रह कहाँ हैं
| ग्रह | राशि (सायन) | कहाँ देखें |
|---|---|---|
| बुध | मेष 25° | सूरज की चमक में छिपा |
| शुक्र | मेष 3° | सुबह का आसमान, पूर्व |
| मंगल | सिंह 23° | शाम का आसमान, पश्चिम |
| बृहस्पति | सिंह 17° | शाम का आसमान, पश्चिम |
| शनि | मेष 19° | सूरज की चमक में छिपा |
आज कोई ग्रह वक्री नहीं है।
Lyrids उल्का वर्षा: आज रात चरम पर, Lyra से घंटे में 18 तक उल्काएँ. सभी उल्का वर्षाएँ.
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सवाल
- 22 अप्रैल 2027 को चंद्र कला क्या है?
- पूर्णिमा, 97% रोशन, चंद्रमा वृश्चिक (सायन) / तुला (निरयण) में।
- 22 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
- भारत में सूर्योदय पर कृष्ण द्वितीया, 23 अप्रैल, 3:34 am IST तक।
- 22 अप्रैल 2027 को चंद्रमा किस नक्षत्र में है?
- विशाखा (पद 1), स्वामी बृहस्पति, 23 अप्रैल, 5:28 am IST तक।
- क्या 22 अप्रैल 2027 को बुध वक्री है?
- नहीं। बुध मेष में मार्गी है।
इन्हीं स्थितियों से आज रात का आसमान लाइव बनता देखिए, या वो आसमान बनाइए जिसके नीचे आप पैदा हुए। मुफ़्त है और आपके ब्राउज़र में चलता है।
मेरा आसमान बनाइए आज रात का पंचांग